कन्या | महिला | स्री पर कविता | भ्रूण हत्या पर कविता | Ishwar

प्रिय साथियों ! 

वर्तमान समय में महिला का  सम्मान एवं उसके अधिकारों  में काफी सुधार  हुआ है। वर्तमान समय में समाज के अंदर पुरुष एवं महिला  के  बीच भेदभाव प्रायः बहुत कम देखने को मिलता है। एक शिक्षित वर्ग में , एक सभ्य समाज में महिलाओं को पूर्ण सम्मान एवं अधिकार प्राप्त है। फिर भी संकीर्ण सोच रखने वाले समाज एवं परिवार में महिलाओं को किसी भी प्रकार का सम्मान एवं अधिकार नहीं मिल पाता है। हम सबको इस प्रकार की महिलाओं के सम्मान एवं अधिकार की बात करनी चाहिए। मैं अपनी इन पंक्तियों के माध्यम से महिलाओं के सम्मान एवं अधिकार की बात करता हूँ। कन्या | महिला | स्री पर कविता | भ्रूण हत्या पर कविता | Ishwar

कन्या 

कदम रखा धरती में हमने,
बन्धन बँध गए जन्म से।
समाज की लाज रखी हमने,
निर्बला बन गए जन्म से।।
खेल -कूद हँस पढ़-लिखकर ,
 बचपन गुजारा है हमने। 
यौवन एक परीक्षा मेरी ,
बन गयी है जन्म से।
माँ-बाप तुम्हारी दुःख दरिद्रता,
 को गले लगाया है हमने।
कन्या तू प्रायः धन,
 मन में पीड़ा बन गयी जन्म से।
त्याग बहुत किया है हमने।।
कन्या हुई पीड़ा दे गए मुझे जन्म से।
आँचल में दुनिया बसानी है हमने। 
कोख में कत्ल करके तुम,
 आज कातिल न बनो मेरे जन्म से।
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दुनिया मे मुझे भी अधिकार मिले,
भाई जैसा प्यार मिल जाए ।
जन्म लू गम न मिले,
खुशियों का जश्न मुझे भी मिल जाए।।
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यादें मेरी दिल मे तुम्हारी,
राह है अब नये सफर की।
माँ की ममता तोड़कर तुम्हारी,
राह  है नए हम सफर की।।
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छोड़कर अब साथ किसी का,
डोली सजी है आँगन में मेरी।
थाम बैठे हैं हाथ किसी का,
परीक्षा नई है जीवन में मेरी।।
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सपने बहुत है दिल मे मेरे,
मुस्कान आयी है जीवन में।
सम्मान बहुत है दिल में मेरे,
प्यार आया है जीवन में।।
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प्रकृति पुत्री हूँ मैं कन्या,
फूल -काँटों में हुआ जन्म मेरा।
त्याग की मूर्ती हूँ मैं कन्या ,
बहती धारा जीवन मेरा।।
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इस तरफ फूलों की खुशबू महकी,
उस तरफ काँटे चुभने लगे।
इधर काँटे चुभे मुझे,
उधर फूल महकने लगे।।
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क्या जीवन है कन्या तेरा,
समझ न पाया है कोई।
दर्द क्या हैं कन्या तेरा,
समझ जाए हर कोई।।
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माँ का रूप है कन्या।
पत्नी  रूप तू कन्या।।
जगत जननी है तू कन्या।
इसके बिना अधूरी यह दुनिया।।
इस धरा का ऋण है कन्या।
सम्मान दे इन्हें पूरी दुनिया।।

                                                             - ईश्वर तड़ियाल "प्रश्न"

                                           (मेरी काव्य पुस्तक "ईश्वर" से लिया गया भाग)

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