होली | हिन्दू राष्ट्रीय पर्व

होली आई

होली आई, होली आई

हुल्यारों की टोली आई।

कर रहे सब शोर हैं

रंगों से सराबोर हैं।

                होली आई,होली आई

                सब पर देखो मस्ती छाई।

                दिखा रहे सब दम हैं

                 न कोई किसी से कम है।

यहाँ रंग, वहाँ रंग

सब के अंग पर रंग ही रंग।

भांग पी लो थोड़ी संग

नहीं किसी को करना तंग।

                 रंग हैं, गुलाल हैं

                 गुलाबी सबके गाल हैं।

                 बाल्टी भर गुब्बारे हैं

                 जो हमने उन पर मारे हैं।

रूठों को मनाने से,

अपनों को सताने से

तुमको किसने रोका है

आज मिला ये मौका है।

                कोई राधा, कोई मोहन

                मैं भी बन गई उसकी जोगन।

                रंग भरी पिचकारी है

                 इस बार मेरी बारी है।

अब के जो होली आई है

ढेरों खुशियाँ लाई है।

फाल्गुन के इस मौसम में

 सब पर रंगत छाई है।

                    - श्रीमती लक्ष्मी चौहान

Latest

रशिया - यूक्रेन युद्ध का संक्षिप्त विश्लेषण 

 Go to Home Page 

यह भी पढ़िए -

और अधिक प्रेरणादायक कविता एवं लेख पढ़े -

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ